
कतरास। धनबाद जिले में अवैध कोयला खनन पर कार्रवाई के दावों के बीच कोयला तस्करी और अवैध खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। छाताबाद में हाल ही में बड़ी भू-धंसान की घटना में करीब दो दर्जन घरों के जमीनदोज होने के बाद भी रामकनाली ओपी क्षेत्र में कथित रूप से अवैध कोयला खनन और उसकी ढुलाई जारी रहने का मामला सामने आया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रामकनाली ओपी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में रात के अंधेरे में अवैध तरीके से कोयला निकाला जा रहा है और कैंपर वाहनों के माध्यम से उसे गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। इस गतिविधि के कारण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच लगातार भय का माहौल बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही और कोयला ढुलाई हो रही है, तो संबंधित निगरानी तंत्र को इसकी जानकारी क्यों नहीं हो रही?
छाताबाद की घटना के बाद भी सबक नहीं?
छाताबाद में जमीन धंसने की घटना ने अवैध खनन के खतरों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। कई घर जमींदोज होने और लोगों के प्रभावित होने के बावजूद यदि आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन जारी रहने के आरोप सही हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन के कारण जमीन के भीतर खोखलापन बढ़ रहा है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ऐसे में केवल घटना के बाद राहत और कार्रवाई करने के बजाय अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने की जरूरत है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
रात के समय कैंपर वाहनों से कथित कोयला ढुलाई को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहनों की आवाजाही नियमित रूप से हो रही है, तो संबंधित सुरक्षा एजेंसियों और निगरानी तंत्र की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
हालांकि, अवैध खनन और प्रशासनिक मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इस संबंध में प्रशासन, पुलिस, बीसीसीएल और सुरक्षा एजेंसियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से रामकनाली ओपी क्षेत्र में कथित अवैध खनन और कोयला ढुलाई की तत्काल जांच कराने, रात में चलने वाले कैंपर वाहनों की जांच करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
अब देखना होगा कि छाताबाद की भयावह घटना के बाद प्रशासन रामकनाली क्षेत्र में कथित अवैध खनन पर कितना प्रभावी अंकुश लगा पाता है या फिर किसी अगली बड़ी घटना का इंतजार किया जाएगा।








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